वह क्या कह रही थी तुम समझ नहीं पाओगे जो वह पलट देगी बात को बड़ी बारीकी से इशारों में हर किसी को उलझा कर रखती है तुम्हारी जहां से खत्म होती है वहां से वह अपनी बात की शुरुआत रखती है
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